Post Graduation in Computer Application

MCA | Post Graduation in Computer Application  

Post Graduation in Computer Application या जिसे MCA के नाम से भी जाना जाता है का पूरा नाम Master in Computer Application होता है, जिसे Post Graduation in Computer Application के नाम से भी जाना जाता है MCA एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है जो 3 साल का होता है। यह कोर्स ग्रेजुएशन के बाद होता है। इसमें 6 सेमेस्टर होते है। सामान्य रूप से BCA करने के बाद कम्प्यूटर सब्जेक्ट के विद्यार्थी यह कोर्स करते है ताकि वह पोस्ट ग्रेजुएशन भी कम्प्यूटर एप्लीकेशन में कर सके, लेकिन ध्यान रहे इस कोर्स को कोई भी साधारण ग्रेजुएट कर सकता है। यह कोर्स उन विद्यार्थियों के लिए सबसे सुनहरा कोर्स है जो अपना करियर कम्प्यूटर फील्ड में बनाना चाहते है ये कोर्स वह कर सकता है जो कम्प्यूटर के किसी भी फील्ड जैसे प्रोग्रमिंग लैंग्वेज, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, वेब डिज़ाइन और डेवेलप करना सीखकर अपना भविष्य बनाना चाहता है। यह कोर्स करने के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए भी तैयारी कर सकता है 

MCA | Post Graduation in Computer Application
MCA | Post Graduation in Computer Application

Eligibility for MCA  

MCA यानि Post Graduation in Computer Application करने के लिए योग्यता की बात करे तो सबसे पहली योग्यता स्टूडेंट की ग्रेजुएशन पूरी होनी चाहिए यह कोर्स करने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि स्टूडेंट ने ग्रेजुएशन कम्प्यूटर एप्लीकेशन में की हो स्टूडेंट किसी भी स्ट्रीम (आर्ट, कॉमर्स और साइंस) से ग्रेजुएशन पूरी करके भी MCA कर सकता है MCA की किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए कई कॉलेजो में एंट्रेंस एग्जाम होते है जैसे बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में BITMCA, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में JNUMCA और पुने यूनिवर्सिटी में Pune University MCA तथा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी(NIT) में NIMCET कई कॉलेजो में बाहरवीं या ग्रेजुएशन के किसी भी ईयर में मैथ्स सब्जेक्ट होना अनिवार्य तथा 45-50% होना आवश्यक मांगते है  

What you learn in MCA

MCA यानि की Post Graduation in Computer Application में कम्प्यूटर के किसी एक सब्जेक्ट में मास्टर कमांड बनायी जाती है ताकि स्टूडेंट उस सब्जेक्ट में मास्टरी कर सके MCA के तीन साल में पुरे 6 सेमेस्टर होते है। MCA के प्रथम वर्ष में कम्प्यूटर के बेसिक सब्जेक्ट्स जैसे कम्प्यूटर ऑर्गेनाइज़ेशन, सी प्रोग्रामिंग, यूनिक्स & शैल प्रोग्रामिंग, मैथेमेटिक्स फाउंडेशन ऑफ़ कम्प्यूटर साइंस और ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड सिस्टम इन सी ++ आदि। दूसरे वर्ष में कम्प्यूटर नेटवर्क, सिस्टम प्रोग्रामिंग, डाटा बेस मैनेजमेंट सिस्टम, ऑपेरेटिंग सिस्टम, कम्प्यूटर ग्राफ़िक & एनीमेशन और फाउंडेशन ऑफ़ ई-कॉमर्स आदि। MCA के फाइनल ईयर में स्टूडेंट को वेब टेक्नोलॉजी, ERP सिस्टम, मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम इत्यादि। फाइनल ईयर में स्टूडेंट को स्पेशलाइजेशन सब्जेक्ट चुनना पड़ता है। स्टूडेंट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर टेक्नोलॉजी, इंटरनेट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सिस्टम्स मैनेजमेंट, डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग और ट्रबलशूटिंग में स्पेशलाइजेशन कर सकते है। 

Career and Job Option after MCA  

MCA यानि की Post Graduation in Computer Application करने के स्टूडेंट सॉफ्टवेयर इंजीनियर, प्रोग्रामर, वेब डिज़ाइनर और डेवलपर, टेस्ट इंजीनियर, नेटवर्क इंजीनियर, सॉफ्टवेयर कंसलटेंट, सिस्टम एनालिस्ट, एडमिनिस्टर और टेक्निकल सपोर्ट आदि इंजीनियर जॉब कर सकता है। गवर्नमेंट फील्ड में बैंकिंग, एजेंसी, कॉलेज /यूनिवर्सिटी तथा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग में जॉब्स उपलब्ध है। MCA के बाद स्टूडेंट प्राइवेट फील्ड में ई-कॉमर्स कंपनी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी, डेटाबेस मैनेजमेंट कंपनी, स्टॉक एक्सचेंज, सिक्योरिटी और सर्विलांस कंपनी में जॉब के लिए अप्लाई कर सकते है। MCA करने के बाद फ्रेशर को 2.50-10 लाख तक का पैकेज मिलता है जो समय और अनुभव के साथ बढ़ जाता है। 

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