तंबाकु इल्लीका शास्त्रीय नाम स्पॉडोप्टेरा लिटुरा है. इस किट का प्रकोप तंबाकु पर जादा होनेसे इसका नामकरण तंबाकु इल्ली हो गया है. अन्यथा यह किट अरंडी, कपास, मूंगफली, जवार, मक्का, सोयाबीन, केला, अमरूद, बैगन, चुकंदर, गोभी, फूलगोभी, अरबी, आदि फसलोंपरभी अपना जीवन व्यतीत करती है. मिर्च, कपास, सोयबीन, गोभी एव फूलगोभी में इसका प्रकोप भारी नुकसान कर सकता है.

पिछले कई दशकोंसे इन्सानने इस किट को अपने खेतोंसे शत प्रतिशत नष्ट करने की कोशिश कियी है. लेकिन कृषी परिस्थितीकीमे इस किट की बचे रहने की क्षमता अधिक है. बेहतर होगा के हम इस किट को नष्ट करने के बजाए इसके साथ जीना सिख ले. ऐसा करने के लिए हमे अपने कृषीक्षेत्र के रखरखावमें कुछ सुधार करने होगे

यहा प्रस्तुत चित्रोसे आप इस किट को अपने फसल में पहचान सकते है. अपने खेतोमे निगरानी करते वक्त इस किट के मौजूदगी के लिए निरिक्षण करे.

तंबाकु इल्लीका पतंग

 

पत्तोंके निचे लगे अंडोके गुच्छे. (एक मादा दे सकती है हजारो अंडे)

 

गुछोसे निकलती इल्लिया, 

 पत्तियोंका विनाश करती इल्लिया

प्रौढ़ इल्ली

नुकसान ग्रस्त पत्तिया

 


प्रौढ़ इल्लीसे बना कोष

ध्यान रखे की इस किट के पतंग तथा इल्लिया दिनमें पत्तोंके पीछे तथा जमीन में छुपे रहते है. (सिर्फ अँधेरेमें बाहर निकलते है.) इसलिए शुरुआती दिनोंमे इसको देख पाने में  दिक्कत होती है. अगर आपके तथा पड़ोसके क्षेत्र में इस किट की फसलोंमेंसे (लेख के शुरवात में दिए गये) कोईभी फसल हो तो अपने क्षेत्र में इस किट के लिए विशेष रूप से बनाया, कमसे कम एक, सेक्स फेरोमोन ट्रैप जरुर लगवाए. 

जब आपको ट्रैप में पतंग मिले तो इन ट्रैप की संख्या बढ़ाना शुरू करे. एक एकड़ क्षेत्रमें ट्रैप कि अधिकतम संख्या छह होनी चाहिए. ऐसा करनेसे पतंग प्रजनन करनेमें असफल रहेंगे. यह ट्रैप  एमेझोंन पर उपलब्ध है. यहां एक लिंक दे रहे है. १० ट्रैप की कीमत रु. ७०० मात्र है (७० रु प्रति ट्रैप). जरूरत होने पर आप अधिक ट्रैप खरीद सकते है १०० ट्रैप की कीमत रु ४५०० मात्र है (४५ रु प्रति ट्रैप). 

 

अगर किसी बजह से यह किट आपके फसल में फ़ैल चुकी है तो आप निचे दर्शाए किटनाशक का छिडकाव करे. यहा निर्देशित कीटकनाशक केन्द्रीय किटकनाशक बोर्ड द्वारा सुझाए गये है.  

  • स्पिनटोराम ११.७ % एस सी. (डेलीगेट) १ मिली प्रती लिटर. कटाई से ३० दिन पहले छिडकाव ना करे. 
  • इंडोक्झाकार्ब १५.८ % इसी. (एव्हान्, धावा गोल्ड) ०.६ मिली / लिटर, कटाई से ३१ दिन पहले छिडकाव ना करे. 

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स्पिनटोराम ११.७ % एस सी. (डेलीगेट) १ मिली प्रती लिटर के छिडकाव से आप तंबाकु इल्ली के आलावा कपास में थ्रीप, चित्तीदार बोलवर्म; मिर्च के थ्रीप तथा  फलछेदक किट का भी नियत्रण कर सकते है. मिर्च में कटाई के ७ दिन पहले इस कीटकनाशक का प्रयोग बंद कर दे. 

सफल किसान वही होता है जो फसल के सेहत का ध्यान रखे. अधिकतर किसान नत्र, स्पुरद एव पोटाश की आपूर्तिका ध्यान तो रखते है लेखिन अन्य पोषक तत्वोंके बारेमे उचित ध्यान नही देते. ऐसा करने से खाद प्रबंधन असंतुलित हो जाता है. अतः निम्न मुद्दों का ध्यान रखे.

  • मृदा को तयार करते वक्त मायक्रोडील साइल ग्रेड का इस्तेमाल (१० किलो प्रति एकड़) अवश्य करे.
  • फलक के वृद्धी के शुरुवात मे नत्र, स्पुरद एव पोटाश की आपूर्ति एकसमान अनुपात मे होनी चाहिये इसके लिये आप अमृत गोल्ड १९-१९-१९ का उपयोग करे. पत्तोपर दाग धब्बे हो तो फफूंद नाशक के साथ मायक्रोडील फोलिअर ग्रेड का छिडकाव जरूरी है.
  • वृद्धी के दुसरे हिस्से मे स्पुरद का अनुपात करीबन दुगना या अधिक करे. आप अमृत गोल्ड १३-४०-१३ का इस्तेमाल कर सकते है. करीबन इसी वक्त आपको अमृत प्लस का ड्रेंचींग करना चाहिए.  
  • फसल को फुल जड़ने के वक्त अमृत गोल्ड १२-६१-०० एव फल/दाने जड़ने के वक्त अमृत गोल्ड ००-५२-३४ का इस्तेमाल करे. साथ में अमृत गोल्ड १३-००-४५ का छिडकाव भी कर सकते है.
  • फल/दाना वृधि के वक्त अमृत गोल्ड ००-००-२३ एव अमृत गोल्ड ००-००-५० का इस्तेमाल करे. 

 

 

किसीभी बजह से अगर फसल क्षतिग्रस्त होती है तो नुकसान होता है. जैसे तबाकू इल्ली का वक्त पर प्रबंध ना हो पाया तो अन्डोसे निकलती इल्लिया पत्तोको खुरेदती है. कई बार पत्ते झड़ जाते है. ऐसेमें फसल के वृधि की गति ढीली पड़ जाती है. नतीजन उपज में भारी नुकसान हो सकता है. ऐसे वक्त आपको फोलीबीओन का प्रयोग करना चाहिए. इसके इस्तेमाल से क्षतिग्रस्त फसल में खासा सुधार होता है.  

 

 

आपको कुछ प्रश्न हो तो पूछ सकते है. व्हाटसअप पर चाटिंग करने हेतु मेसेज अस का बटन दबाए. ध्यान रहे मेसेज में सबसे पहले आपकी पूरी पहचान बताए (नाम, पता, जिला एव स्टेट). आप अपने फसल के फोटो भी साँझा करे ताकि इस बारे मै अपनी राय बना सखु. 

 

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