Electric Iron यानिकी कपड़ों की प्रेस से तो आप सभी अच्छी तरह से अवगत हैं जहाँ पारम्परिक और भारी आयरन को आज भी उसमें कोयले डालकर गरम किया जाता है । और आज इन भारी और पारम्परिक प्रेस का इस्तेमाल केवल व्यवसायिक तौर पर यानिकी जिनका कपड़े प्रेस करने का धंधा या काम होता है उन्हीं के द्वारा किया जाता है ।

लोग इस सम्बन्ध में अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने घरों में Electric Iron रखना पसंद करते हैं क्योंकि इन्हें गरम करने के लिए कोयले की नहीं बल्कि विद्युत् की आवश्यकता होती है इसलिए इन्हें जल्दबाजी में भी आसानी से इस्तेमाल में लाया जा सकता है । औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के चलते मनुष्य के खान पान में ही नहीं बल्कि पहनावे में भी बड़ी तीव्र गति से परिवर्तन हो रहे हैं।

इसलिए वर्तमान में चाहे स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी हों, बिजनेसमैन हों, या फिर ऑफिस इत्यादि में काम करने वाली एक बहुत बड़ी आबादी, सबको सुबह सुबह पहनने के लिए प्रेस किये हुए कपड़ों की ही आवश्यकता होती है। इसलिए इसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए हर घर में कम से कम एक Electric Iron तो अवश्य देखने को मिल जायेगी।

और ऐसा भी नहीं है की जिनके पास आज Electric Iron है वे कल को इसे नहीं खरीदेंगे बल्कि प्रदयौगिकी में बदलाव और आयरन के ख़राब हो जाने के बाद वे दूसरी आयरन भी अवश्य खरीदेंगे । ऐसे में यदि कोई उद्यमी इलेक्ट्रिक आयरन विनिर्माण बिजनेस शुरू करता है तो यह कमाई की दृष्टी से उसके लिए उपयुक्त हो सकता है।

विषय वस्तु

इलेक्ट्रिक आयरन विनिर्माण बिजनेस क्या है (What is Electric Iron Manufacturing Business):

एक Electric Iron की यदि हम बात करें तो यह एक हैंडलयुक्त फ़्लैट त्रिकोण आकार की एक सतह होती है इसकी जो त्रिकोण आकार की सतह होती है इसे बिजली द्वारा गरम किया जाता है। और फिर जब यह गरम हो जाती है तो इसे कपड़े पर रगड़ा जाता है ताकि कपड़े की सलवटें इत्यादि मिटाई जा सकें और इसे सपाट और चिकना बनाया जा सके।

लेकिन इस प्रक्रिया में हैंडल गरम नहीं होता है क्योंकि इसे इसी तरह वहां पर लगाया जाता है जहाँ पर यह गरम न हो। कपड़ों को सपाट करने वाले इस यंत्र को कपड़ों की प्रेस या कपड़ों की आयरन के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस त्रिकोण सपाट सतह धातु से निर्मित होती है।

इलेक्ट्रिक आयरन को हम एक विद्युत् उपकरण भी कह सकते हैं जिसका इस्तेमाल कपड़ों से सलवटों को ख़त्म करने के लिए किया जाता है। जो स्टीम इलेक्ट्रिक आयरन होती हैं उनमें पानी भी रखा जा सकता है और जरुरत पड़ने पर कपड़ों में हलके पानी का छिडकाव भी किया जा सकता है।

ताकि कपड़ों से सलवटों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इसमें लगी इलेक्ट्रिक कॉयल वायर हीटिंग एलिमेंट की अच्छी प्रतिरोधी होती है यह निक्केल, क्रोमियम, तार, रिबन, पट्टी इत्यादि का उपयोग करती है।

मार्किट और अनुप्रयोग  

इसमें कोई दो राय नहीं की वर्तमान में जो व्यक्ति प्रेस करे हुए कपड़े पहनता है उस पर वे कपड़े सुन्दर तो लगते ही हैं और ये प्रेस किये हुए कपड़े दूसरों पर भी बेहतर छाप छोड़ते हैं। कपड़ों पर Electric Iron का इस्तेमाल कपड़ों के जीवन समय को भी बढ़ाता है क्योंकि यह कपड़ों का रखरखाव करने का ही एक स्टेप है। हालांकि कपड़ों पर ड्राई क्लीनिंग भी की जाती है लेकिन इसमें केमिकल इत्यादि का इस्तेमाल होता है इसलिए यह महंगी और कपड़ों के लिए हानिकारक भी हो सकती है। 

जबकि कपड़ों पर प्रेस करने से ऐसे किसी भी दुष्प्रभाव का खतरा नहीं होता है इस्त्री करने से कपड़ों से ब्लीच की गंध भी दूर होती है। इसलिए नौकरीपेशा लोग तो इसके खरीदारों में पहले से शामिल थे लेकिन एक विद्यार्थियों की बिरादरी भी इसके खरीदार के तौर पर तेजी से बढ़ रही है। वह इसलिए क्योंकि भारत और इसके पड़ोसी देशों जैसे चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित सभी देशों के स्कूलों और कॉलेज में वर्दी पहनकर जाने का प्रावधान है।

इसलिए छात्रों को अनुशासित, स्वच्छ और स्मार्ट जीवन शैली की तरफ प्रोत्साहित किया जाता है। और उन्हें समझाया जाता है की वे स्कूल में इस्त्री की हुई व्यवस्थित वर्दी ही पहनकर आयें। एक विश्वसनीय आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2018 में Electric Iron की मार्किट 1.0 बिलियन अमरीकी डालर आंकी गई थी।

और यह अनुमान लगाया गया था की आने वाले वर्षों में इसका बाजार 8.3% की सीएजीआर दर से विस्तारित होगा। कपड़ों में अच्छी प्रेस होना कुलीन समाज का प्रतीक बन चूका है इसलिए अच्छा दिखने की होड़ में लाखों लोग शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक आयरन विनिर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Electric Iron Manufacturing Business):

वैसे तो Electric Iron Manufacturing Business को कोई भी वह व्यक्ति शुरू कर सकता है जो इसे शुरू करने में आने वाली लागत को वहन कर सके। लेकिन यदि प्रमोटर यानिकी उद्यमी इलेक्ट्रिक इंजिनियर या फिर इलेक्ट्रिक ट्रेड में डिप्लोमाधारी हो तो उसके लिए इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना अनुकूल हो सकता है।

इसके अलावा उद्यमी को इस तरह का यह व्यापार शुरू करने के लिए अनेकों कदम जैसे जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध, बिजनेस प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना, वित्त का प्रबंध करना, आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त करना,मशीनरी और कच्चे माल की खरीदारी, कर्मचारियों की नियुक्ति इत्यादि उठाने की आवश्यकता होती है।

तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का कपड़ों की इलेक्ट्रिक प्रेस बनाने का बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करें  

जैसा की अन्य बिजनेस के लिए होता है वैसे ही Electric Iron Manufacturing Business शुरू करने के लिए भी उद्यमी को जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करना होता है। लेकिन जिस प्रकार एक दुकान इत्यादि के लिए किसी स्थानीय बाजार या भीड़ भाड़ वाले इलाके में जगह का प्रबंध करने का आवश्यक होता है, इसमें ऐसा नहीं है यदि उद्यमी के पास शहर से दूर कहीं और भी गैर कृषि योग्य भूमि है तो वह उसी जमीन पर बिल्डिंग निर्माण शुरू करके अपनी इलेक्ट्रिक आयरन विनिर्माण इकाई स्थापित कर सकता है।

लेकिन बिजली, पानी, सड़क, कर्मचारियों, श्रमिकों की उपलब्धता उस लोकेशन पर होनी ही चाहिए, यदि उद्यमी के पास स्वयं की जमीन नहीं है तो वह जमीन या बिल्डिंग किराये पर ले सकता है। लेकिन ध्यान रहे उद्यमी को विनिर्माण स्थल के अलावा स्टोर रूम, बिजली उपयोगिताओं के लिए जगह, ऑफिस स्थापित करने के लिए जगह इत्यादि की आवश्यकता भी होती है। इसलिए उद्यमी को 1000-1200 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता हो सकती है।      

2. बिजनेस प्लान तैयार करें

अब उद्यमी का अगला कदम बिजनेस प्लान तैयार करने का होना चाहिए यह एक ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें व्यवसाय की वर्तमान बातों से लेकर भविष्य की योजनाओं तक का विस्तृत और स्पष्ट तौर पर लिखित वर्णन होता है।

इसलिए इसे बिजनेस का रोडमैप भी कहा जाता है इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने Electric Iron Manufacturing Business का एक प्रभावी और व्यवहारिक बिजनेस प्लान बनाये ताकि उसे उसके व्यवसाय में आने वाली लागत से लेकर भविष्य में होने वाली अनुमानित कमाई तक का पता चल सके। और इसी के अनुसार वह सब्सिडी ऋण, बैंक ऋण, व्यक्तिगत बचत इत्यादि के माध्यम से वित्त का भी प्रबंध करने में सफल हो सके।  

3. आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

Electric Iron Manufacturing के लिए उद्यमी को निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरण कराने की आवश्यकता हो सकती है।

  • उद्यमी को अपने व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप, वन पर्सन कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इत्यादि में से किसी एक के तहत रजिस्टर करना।
  • बिलिंग इनवॉइस के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन।
  • बैंक में व्यवसाय के नाम से चालू खाता।
  • फैक्ट्री और ट्रेड लाइसेंस।
  • पोल्यूशन और फायर डिपार्टमेंट से एनओसी।
  • उद्यम रजिस्ट्रेशन।
  • ब्रांड के लिए ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन ।  

4. मशीनरी और कच्चा माल खरीदें

Electric Iron Manufacturing Business में इस्तेमाल में लाये जाने मशीनरी और उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • भट्टी (Furnace)
  • पीएफटीई कोटिंग प्लांट
  • कोटिंग बूथ
  • स्प्रे गन
  • हीटिंग ओवन
  • प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन
  • प्रोफाइल डाई
  • कन्वेयर
  • स्टड, फ़ास्टनर, स्क्रू  

इस व्यवसाय में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है ।

  • एल्युमीनियम बिल्लेट्स
  • हीटिंग एलिमेंट
  • प्लास्टिक रेजिन बेकलाइट
  • पीऍफ़टीई पाउडर
  • थर्मोस्टेट
  • इलेक्ट्रिक कॉर्ड
  • पैकिंग सामग्री

5. विनिर्माण शुरू करें   

Electric Iron Manufacturing Process शुरू करने से पहले अधिकृत विक्रेता से कच्चा माल और मशीनरी खरीद ली जाती है कच्चे माल को स्टोर में स्टोर करने के लिए रख दिया जाता है। जबकि मशीनरी को फ्लोर प्लान के हिसाब से इंस्टाल कर दिया जाता है। पहले चरण में मोल्ड में पिघला हुआ एल्युमीनियम डालकर इलेक्ट्रिक आयरन के प्लेट का निर्माण किया जाता है इस प्लेट के लिए मोल्ड में सही आकार पहले से होता है।

इस प्रक्रिया में पहले भट्टी को जलाया जाता है और उस भट्टी को इतना गरम किया जाता है ताकि उसका तापमान एल्युमीनियम को पिघलाने में सक्षम हो उसके बाद जब भट्टी तैयार हो जाती है एल्युमीनियम बिल्ट को स्टोर रूम से निकालकर फीडर के माध्यम से भट्टी में डाला जाता है।

और जब एल्युमीनियम पिघल जाता है तो इसे मोल्ड में डाला जाता है जिसमें Electric Iron Plate का आकार होता है और जब पिगला हुआ एल्युमीनियम सांचे में जम जाता है तो वह सांचे से अलग होकात्र आयरन प्लेट का रूप धारण कर लेता है। अगले चरण में इस प्लेट को नॉन स्टिक से लेपित किया जाता है इसके लिए बेस प्लेट को सल्फ्यूरिक एसिड के अम्लीय समाधान में 15-20 मिनट के लिए डुबोया जाता है।

इसके अगले चरण में इन्हें 350 से 400 ℃ के तापमान पर गरम किया जाता है और उसके बाद बेस प्लेट पर PFTE का लेप किया जाता है इसमें इलेक्ट्रोस्टैटिक पाउडर स्प्रे गन से बेस प्लेट की सतह पर पीऍफ़टीई पाउडर का छिडकाव किया जाता है। इसे पाउडर कोटिंग एप्लीकेशन को धातु सब्सट्रैक्ट में बदलने के लिए किया जाता है अगले चरण में Electric Iron का बॉडी कवर और हैंडल को प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन के माध्यम से तैयार कर लिया जाता है ।

और सभी अवयवों का निर्माण कर लेने के बाद इन्हें अस्सेम्ब्ल कर दिया जाता है और उसके बाद इलेक्ट्रिक आयरन की क्वालिटी चेक की जाती है और पैक करके बाजार में बेचने के लिए उतारा जाता है।

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